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Rituals & Traditions of Navratri in Rajasthan (राजस्थान में नवरात्रि के अनुष्ठान और परंपराएँ)

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दुनियाभर में राजस्थान अपनी परंपराओं और संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ पर नवरात्रि का पर्व बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। नवरात्रि के दौरान लोग देवी दुर्गा की पूजा और शक्ति उपासना करते है, साथ में व्रत रखते हैं, गरबा और डांडिया नृत्य करते हैं और देवी के नौ रूपों की पूजा अर्चना करते हैं। राजस्थान के प्रमुख शहर जैसे जयपुर, उदयपुर, जोधपुर और बीकानेर में यह पर्व बड़े धूमधाम से मनाया जाता है।

Navratri 2025 Date and Time (नवरात्रि 2025 कब है?)

नवरात्रि पूरे भारतबर्ष में माँ दुर्गा और उनके नौ रूपों की आराधना के लिए मनाया जाता है। इस बार शारदीय नवरात्रि 2025 की शुरुआत 22 सितंबर (सोमवार) से होगी और इसका समापन 30 सितंबर (मंगलवार) को होगा।

  • प्रतिपदा तिथि: 22 सितंबर 2025
  • नवमी तिथि: 30 सितंबर 2025
  • दशहरा / विजयादशमी: 1 अक्टूबर 2025

Rajasthan Navratri Rituals & Traditions (अनुष्ठान और परंपराएँ)

  1. Kalash Sthapana (कलश स्थापना)

नवरात्रि के पहले दिन हर घर और मंदिर में कलश की स्थापना की जाती है। इसे माँ दुर्गा की शक्ति का प्रतीक माना जाता है।

2. Fasting & Katha (व्रत और कथा)

नवरात्रि के 9 दिनों तक भक्त लोग व्रत रखते हैं और दुर्गा सप्तशती, देवी महात्म्य और देवी भगवती की कथाओं का पाठ करते हैं।

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3. Rajasthan Temple Visits (मंदिर दर्शन) – इन मंदिरों में हजारों श्रद्धालु दर्शन करने पहुँचते हैं।

देवी मंदिरों में विशेष पूजा – अंबाजी मंदिर (अमरापुर), करणी माता मंदिर (बीकानेर), गलता जी मंदिर (जयपुर) जैसे प्रसिद्ध शक्तिपीठों में श्रद्धालु भारी संख्या में आते हैं।

4. Jagran & Bhajan Sandhya (जागरण और भजन संध्या)

जगह जगह पर लोग रात्रि में देवी भजन, कीर्तन और गरबा का आयोजन होता है।

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5. Garba & Dandiya Nights (गरबा और डांडिया नाइट्स)

जयपुर और उदयपुर जैसे शहरों में डांडिया और गरबा नाइट्स के प्रोग्राम होते है जो खास आकर्षण रहते हैं। लोग पारंपरिक राजस्थानी परिधानों में सजकर इसमें भाग लेते हैं।

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Unique Ways of Celebration in Rajasthan

  • Folk Music & Dance (लोक संगीत और नृत्य) – ढोल, मंजीरा और सारंगी पर आधारित भजन और लोकगीत गाए जाते हैं।
  • Rajasthani Food (खास व्यंजन) – व्रत के दौरान साबूदाना खिचड़ी, आलू की सब्ज़ी, राजगिरा पूरी, और त्योहार पर दाल बाटी चूरमा का आनंद लिया जाता है।
  • Fairs & Melas (मेला और आयोजन) – नवरात्रि के समय कई जगहों पर धार्मिक मेले लगते हैं जहाँ लोककला और हस्तशिल्प का प्रदर्शन होता है।
  • Tourism Attraction (पर्यटन का केंद्र) – विदेशी पर्यटक भी इस समय राजस्थान आते हैं ताकि वे गरबा, लोकनृत्य और मंदिरों की भव्य सजावट देख सकें।

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