News
विश्वकर्मा पूजा 2025: भगवान शिल्पकार की जयंती, पूजा विधि, आरती और शुभकामनाएँ
भारत में हर त्योहार हमारी संस्कृति और जीवन का अटूट हिस्सा है। जो हमें एक दूसरे से जोड़ने और साथ रहने के लिए प्रेरणा देता है। विश्वकर्मा जयंती भी ऐसा ही एक पर्व है जिसे पूरे विश्व में मनाया जाता है, पर्व विशेष रूप से श्रमिकों, इंजीनियर्स, कारीगरों, तकनीकी विशेषज्ञों और कलाकारों द्वारा मनाया जाता है। भगवान विश्वकर्मा को सृष्टि का पहला शिल्पकार और वास्तुकार माना जाता है।
भगवान विश्वकर्मा कौन थे?
भगवान विश्वकर्मा शिल्प, तकनीक और निर्माण के देवता माने जाते हैं। पुराणों में वर्णन है कि भगवान विश्वकर्मा ने ही स्वर्गलोक, पुष्पक विमान, द्वारका नगरी और पांडवों का इंद्रप्रस्थ बनाया था। इसी कारण आज कारखानों, फैक्ट्रियों, कार्यशालाओं और ऑफिसों में विश्वकर्मा पूजा का आयोजन किया जाता है।
विश्वकर्मा पूजा 2025 की तिथि
हर साल कन्या संक्रांति के दिन विश्वकर्मा जयंती मनाई जाती है। इस दिन सूर्य देव कन्या राशि में प्रवेश करते हैं। 2025 में विश्वकर्मा पूजा की तिथि और शुभ मुहूर्त इस प्रकार है:
-
तिथि: 17 सितंबर 2025
-
शुभ मुहूर्त: सुबह 07:30 बजे से दोपहर 01:15 बजे तक
विश्वकर्मा पूजा विधि (Vishwakarma Puja Vidhi)
-
सबसे पहले स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें।
-
पूजा स्थल पर भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
-
गंगाजल से शुद्धिकरण करें।
-
धूप, दीप, पुष्प और अक्षत अर्पित करें।
-
यंत्र, औजार, कंप्यूटर, गाड़ियाँ और मशीनरी को भी पूजित करें।
-
विश्वकर्मा आरती का पाठ कर प्रसाद बांटें।
विश्वकर्मा पूजा आरती (Vishwakarma Aarti)
ओम जय श्री विश्वकर्मा, प्रभु जय श्री विश्वकर्मा ।
सकल सृष्टि के कर्ता, रक्षक स्तुति धर्मा ।। 1 ।।
ओम जय श्री विश्वकर्मा, प्रभु जय श्री विश्वकर्मा ।
आदि सृष्टि में विधि को, श्रुति उपदेश दिया।
जीव मात्र का जग में, ज्ञान विकास किया।। 2।।
ओम जय श्री विश्वकर्मा, प्रभु जय श्री विश्वकर्मा । ऋषि अंगिरा ने तप से, शांति नहीं पाई।
ध्यान किया जब प्रभु का, सकल सिद्ध आई ।। 3 ।।
ओम जय श्री विश्वकर्मा, प्रभु जय श्री विश्वकर्मा ।
रोग ग्रस्त राजा ने जब आश्रय लीना ।
संकट मोचन बन कर दूर दुःख कीना ।। 4 ।।
ओम जय श्री विश्वकर्मा, प्रभु जय श्री विश्वकर्मा ।
जब रथकार दम्पति, तुम्हारी टेर करी ।
सुनकर दीन प्रार्थना, विपत्ति हरी सगरी ।। 5 ।।
ओम जय श्री विश्वकर्मा, प्रभु जय श्री विश्वकर्मा ।
एकानन चतुरानन, पंचानन राजे ।
द्विभुज, चतुर्भुज, दसभुज, सकल रूप साजे ।। 6 ।।
ओम जय श्री विश्वकर्मा, प्रभु जय श्री विश्वकर्मा ।
ध्यान धरे जब पद का, सकल सिद्धि आवे।
मन दुविधा मिट जाये, अटल शांति पावे ।। 7 ।।
ओम जय श्री विश्वकर्मा, प्रभु जय श्री विश्वकर्मा ।
श्री विश्वकर्मा जी की आरती जो कोई जन गावे ।।
कहत गजानन्द स्वामी, सुख सम्पत्ति पावे ।। 8 ।।
ओम जय श्री विश्वकर्मा, प्रभु जय श्री विश्वकर्मा ।
विश्वकर्मा पूजा का महत्व
-
कामकाजी जीवन में तरक्की और समृद्धि के लिए पूजा की जाती है।
-
माना जाता है कि इससे मशीनरी और औजारों में किसी प्रकार की खराबी नहीं आती।
-
कारीगरों और श्रमिकों को विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है।
विश्वकर्मा पूजा विश (Vishwakarma Puja Wishes)
-
भगवान विश्वकर्मा जी का आशीर्वाद आपके जीवन को नई ऊँचाइयों तक ले जाए।
-
आपके सभी कार्य सफल हों और सुख-समृद्धि आपके घर में बनी रहे।
-
विश्वकर्मा जयंती की शुभकामनाएँ।
News
बुधवार क्यों माना जाता है गणेशजी का दिन? मिथक, कारण और महत्व
बुधवार, भगवान गणेश को समर्पित माना जाता है। हिंदू धर्म में यह दिन बुद्धि, ज्ञान, व्यवसाय, शिक्षा और ग्रह बुध के प्रभाव से जुड़ा हुआ है। इस लेख में जानिए Why Budhwar is Dedicated to Lord Ganesha, इसके पीछे की पौराणिक कथाएँ (Mythology) और मान्यताएँ (Facts)।
Mythology Behind Budhwar Ganesh Puja (पौराणिक कथाएँ और मान्यताएँ)
1. Ganesh as Vighnaharta (विघ्नहर्ता के रूप में महत्व)
भगवान गणेश को सभी देवी-देवताओं ने “विघ्नहर्ता” का स्थान दिया है। माना जाता है कि बुधवार के दिन गणेशजी जल्दी प्रसन्न होते हैं और जीवन से रुकावटें दूर करते हैं।
इसलिए लोग हर बुधवार विशेष रूप से गणेश पूजन करते हैं।
2. Budh Grah & Ganesh Connection (ग्रह बुध और गणेशजी का संबंध)
-
बुध बुद्धि, तर्क, व्यापार और संवाद का कारक ग्रह है।
-
भगवान गणेश को “बुद्धि-सिद्धि के दाता” कहा गया है।
-
इसलिए बुधवार को गणपति पूजा करने से बुध ग्रह मजबूत होता है और मानसिक शांति मिलती है।
3. Lord Vishnu’s Blessing Story (भगवान विष्णु की कथा)
एक पौराणिक कथा के अनुसार—
भगवान विष्णु ने गणेशजी को वरदान दिया कि “बुधवार का दिन आपका होगा। जो भी इस दिन आपकी पूजा करेगा, उसकी मनोकामनाएँ पूर्ण होंगी।”
इस कारण बुधवार को गणेशजी का विशेष दिन माना गया।
4. Riddhi–Siddhi & Budhwar Significance (सिद्धि-रिद्धि के कारण महत्व)
गणेशजी “रिद्धि-सिद्धि के स्वामी” हैं।
बुधवार को उनकी पूजा करने से:
-
घर-परिवार में समृद्धि
-
व्यापार में स्थिरता
-
शिक्षा में उन्नति
-
मानसिक शक्ति
प्राप्त होती है।
Facts About Budhwar Ganesh Worship (वैज्ञानिक एवं ज्योतिषीय तथ्य)
1. Planet Mercury Represents Intelligence (बुध ग्रह और बुद्धि का संबंध)
बुध ग्रह सीधे दिमाग, निर्णय क्षमता और बातचीत से जुड़ा है।
गणेशजी को भी यही गुणों का स्वामी माना गया है।
इसलिए बुधवार को उनकी पूजा शुभ मानी जाती है।
2. Psychological Benefits of Ganesh Worship (मन पर सकारात्मक प्रभाव)
गणेशजी की पूजा मन को शांत करती है।
गणेश मंत्र—
“ॐ गं गणपतये नमः”
मन को एकाग्र करता है, जिससे पढ़ाई और काम में ध्यान बढ़ता है।
3. Business Community Tradition (व्यापारियों की परंपरा)
पुराने समय से व्यापारी वर्ग बुधवार को नया काम शुरू करता था।
क्योंकि माना जाता था कि गणेशजी व्यापार में शुभ लाभ प्रदान करते हैं।
Why Budhwar is Considered Best Day for Ganesh Puja (बुधवार ही क्यों?)
-
यह दिन बुद्धि, धन और व्यापार का प्रतीक है
-
ग्रह बुध को शांत करने का सर्वोत्तम समय
-
विघ्न बाधाओं को दूर करने का उत्तम अवसर
-
मनोवांछित कार्यों में सफलता
-
गणेशजी इस दिन जल्दी प्रसन्न होते हैं
Budhwar Puja Benefits (बुधवार पूजा के लाभ)
-
करियर और शिक्षा में सफलता
-
व्यापार में वृद्धि
-
मानसिक शांति
-
बुध ग्रह की शांति
-
जीवन से विघ्न-बाधाओं का नाश
-
घर में सुख-समृद्धि
Also Read: Budhwar Ganesh Puja: महत्व, Puja Vidhi, Aarti & Benefits
Conclusion (निष्कर्ष)
बुधवार को गणेशजी की पूजा करना सिर्फ धार्मिक परंपरा नहीं बल्कि पौराणिक और ज्योतिषीय दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है।
यह दिन बुद्धिमत्ता, सफलता, धन, शांति और जीवन में आगे बढ़ने का प्रतीक है।
News
Budhwar Ganesh Puja: महत्व, Puja Vidhi, Aarti & Benefits (Wednesday Ganesh Puja Guide)
Budhwar, भगवान गणेशजी को समर्पित दिन माना जाता है। माना जाता है कि बुधवार के दिन गणपति बप्पा की पूजा करने से बुद्धि, ज्ञान, सौभाग्य, करियर, व्यापार और परिवार में स्थिरता मिलती है।
इस लेख में जानिए Budhwar Ganesh Puja Importance, Puja Vidhi, Aarti, क्या करें-क्या न करें और हर बुधवार कैसी पूजा करनी चाहिए।
Budhwar Ganesh Puja Importance (बुधवार को गणेशजी की पूजा का महत्व)
बुधवार का दिन बुद्धि और ग्रह बुध का प्रतीक माना गया है। गणेशजी को “विघ्नहर्ता” और “बुद्धि-सिद्धि के दाता” कहा गया है। बुधवार को पूजा करने का विशेष महत्व इसलिए भी है क्योंकि:
-
करियर और शिक्षा में सफलता मिलती है
-
व्यापार में लाभ और बाधाएँ दूर होती हैं
-
घर में शांति और समृद्धि बढ़ती है
-
ग्रह बुध मज़बूत होता है
-
संतान सुख में वृद्धि होती है
-
नए कार्यों में शुभ परिणाम मिलते हैं
Also Read: बुधवार क्यों माना जाता है गणेशजी का दिन? मिथक, कारण और महत्व
Budhwar Ganesh Puja Vidhi (हर बुधवार गणेशजी की पूजा कैसे करें)
1. Morning Rituals (सुबह की तैयारी)
-
स्नान करके साफ कपड़े पहनें
-
पूजा स्थान को गंगाजल से शुद्ध करें
-
गणेशजी की प्रतिमा/फोटो को साफ कपड़े से पोंछें
2. Ganesh Puja Setup (पूजा की सामग्री)
-
लाल फूल, दूर्वा घास (21)
-
मोदक या लड्डू
-
धूप, दीपक
-
चंदन, कपूर
-
नारियल, मिठाई
-
पीला या लाल वस्त्र
3. Step-by-Step Puja Vidhi (पूजन विधि)
(1) दीपक और धूप जलाएं
(2) गणेशजी को जल अर्पित करें
(3) चंदन का तिलक लगाएं
(4) 21 दूर्वा चढ़ाएं
(5) लाल फूल चढ़ाएं
(6) मोदक या लड्डू अर्पित करें
(7) गणेश मंत्र या मंत्र जप करें:
“ॐ गं गणपतये नमः” – 108 बार
या
“वक्रतुंड महाकाय…” स्तुति
(8) गणेशजी की आरती करें
(9) प्रसाद बाँटें
Budhwar Ganesh Aarti (गणेशजी की आरती)
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा…
(पूरी आरती वेबसाइट में जोड़नी हो तो बताएं।)
Budhwar Do’s & Don’ts (क्या करें और क्या न करें)
Do’s (करें)
-
दूर्वा अवश्य चढ़ाएं
-
बुधवार को हरी वस्तुएँ दान करें (हरा कपड़ा, मूंग दाल)
-
माता-पिता के चरण स्पर्श करें
-
किसी भी नए काम की शुरुआत करें
Don’ts (ना करें)
-
नमक या तेल का दान न करें
-
कर्ज न लें
-
राहु-ग्रह पीड़ित व्यक्ति हरी वस्तु न पहने
Benefits of Budhwar Ganesh Puja (बुधवार की पूजा के लाभ)
-
पढ़ाई व करियर में तरक्की
-
व्यापार में स्थिरता
-
विवाह व संतान सम्बन्धी बाधाएँ दूर
-
धन लाभ
-
घर—परिवार में खुशहाली
-
मानसिक शांति व आत्मविश्वास
Budhwar Special Remedies (बुधवार के खास उपाय)
-
21 दूर्वा + लाल फूल चढ़ाने से बुद्धि बढ़ती है
-
मोदक चढ़ाने से मनोकामनाएँ पूरी होती हैं
-
गणेश चालीसा का पाठ करने से विघ्न दूर होते हैं
-
हरा कपड़ा दान करने से ग्रह बुध शांत होता है
बुधवार का दिन भगवान गणेश को प्रसन्न करने का श्रेष्ठ समय माना गया है। यदि हर बुधवार ऊपर दी गई विधि से पूजा की जाए, तो जीवन में आने वाली रुकावटें दूर होती हैं और घर में स्थायी सुख-समृद्धि आती है।
News
Google Meet Down: दुनियाभर में मीटिंग्स ठप, यूज़र्स बोले – “आज तो बच ही गए!”
बुधवार दोपहर को अचानक Google Meet ने काम करना बंद कर दिया, और देखते ही देखते भारत समेत कई देशों में हज़ारों यूज़र्स लॉग-इन नहीं कर पाए। ऑफिस की मीटिंग्स, ऑनलाइन क्लासेज़ और वर्क कॉल्स—सब अचानक रुक गए।
जैसे ही मीटिंग जॉइन करने की कोशिश हुई, स्क्रीन पर बस यही संदेश दिख रहा था—
“Unable to connect” या “Something went wrong.”
DownDetector पर उछाल
Outage शुरू होते ही DownDetector पर रिपोर्ट्स में तेज़ उछाल आया।
-
करीब 66% यूज़र्स को वेबसाइट पर दिक्कत
-
32% यूज़र्स को सर्वर कनेक्शन एरर
-
कुछ लोगों ने वीडियो क्वालिटी और लेटेंसी इशू भी रिपोर्ट किए
सोशल मीडिया पर #GoogleMeetDown तुरंत ट्रेंड करने लगा।
Check here: https://downdetector.in/status/google-meet/
यूज़र्स के मज़ेदार रिएक्शन
Google Meet डाउन होते ही ऑफिस-गोअर्स ने X (Twitter) पर मीम्स की बाढ़ ला दी।
किसी ने लिखा:
“Meeting down, mood up!”
एक और यूज़र बोला:
“Google Meet ने हमारी आत्मा बचा ली, आज प्रेज़ेंटेशन नहीं देना पड़ेगा।”
कई लोग कॉफी लेकर आराम से बैठ गए—मीटिंग तो वैसे भी खुल नहीं रही थी!
कई ऑफिसों में काम रुक गया
वर्क-फ्रॉम-होम और रिमोट टीम्स के लिए यह बड़ा झटका रहा।
कई कंपनियां अचानक जिन प्लेटफॉर्म्स पर निर्भर थीं, वहीं आउटेज ने पूरा प्लान बिगाड़ दिया।
लोगों को चैट, ईमेल या दूसरे टूल्स से कॉर्डिनेशन करना पड़ा।
Google की तरफ से स्टेटस
कुछ समय बाद Google ने अपनी सर्विस स्टेटस साइट पर अपडेट दिया कि वे समस्या को देख रहे हैं और जल्द ठीक किया जाएगा।
नतीजा
तकनीक कितनी भी एडवांस हो जाए, लेकिन एक छोटी सी ग्लिच पूरी दुनिया की मीटिंग्स रोक सकती है।
Google Meet डाउन होने पर लोग भले ही परेशान हुए हों, लेकिन सोशल मीडिया पर हंसी-मज़ाक और मीम्स ने माहौल हल्का कर दिया।
-
Entertainment11 months agoTop 5 Rajasthani Marwari Songs: परंपरा और Modern Beats का Perfect मेल
-
Entertainment11 months agoTop 10 Latest Rajasthan Folk Songs 2025: राजस्थानी टॉप सॉन्ग्स की लिस्ट जिन्हें आपको जरूर सुनना चाहिए
-
Food9 months agoRajasthani Gatte Ki Sabji Recipe in Hindi | Authentic Gatte Ki Sabzi Banane Ki Vidhi
-
News9 months agoबाल दिवस 2025: बच्चों के लिए कविता, शायरी, विचार, भाषण और निबंध हिंदी में
-
News9 months agoInternational Men’s Day 2025: कब है, क्यों मनाया जाता है और भेजें दिल छू लेने वाली विशेज़
-
Education11 months agoTop 10 Rajasthan Law Colleges & Universities 2025: राजस्थान के टॉप 10 लॉ यूनिवर्सिटी
-
Food11 months agoTraditional Rajasthani Dal Baati Churma – दाल बाटी चूरमा बनाने का आसान तरीका
-
Travel11 months agoRajasthan Winter Trip 2025: राजस्थान में सर्दियों में घूमने की टॉप 10 जगहें
