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राजस्थानी कचौरी रेसिपी: खस्ता, मसालेदार और स्वाद से भरपूर पारंपरिक तरीका
राजस्थान का नाम सुनते ही सबसे पहले मन में आता है—खस्ता कचौरी की खुशबू! चाहे अजमेर हो, जयपुर या जोधपुर, हर शहर की कचौरी का अपना अलग स्वाद होता है। खट्टी-मीठी चटनी के साथ परोसी जाने वाली राजस्थानी कचौरी अपने मसालेदार, कुरकुरे और देसी स्वाद के लिए पूरे भारत में प्रसिद्ध है।
अगर आप घर पर बाज़ार जैसी कचौरी बनाना चाहते हैं, तो यहाँ है एक बिल्कुल आसान, असली राजस्थानी स्टाइल कचौरी रेसिपी।
राजस्थानी कचौरी बनाने का समय
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तैयारी का समय: 20 मिनट
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पकाने का समय: 30–35 मिनट
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कुल समय: 50–55 मिनट
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सर्विंग: 10–12 कचौरी
कचौरी बनाने के लिए आवश्यक सामग्री
1) आटे की सामग्री
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मैदा – 2 कप
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रवा (सूजी) – 2 चम्मच (खस्ता लाने के लिए)
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तेल / घी – 3 चम्मच (मोयन के लिए)
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नमक – स्वादानुसार
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पानी – ज़रूरत अनुसार
2) मसालेदार स्टफिंग की सामग्री (राजस्थानी स्टाइल)
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मूंग दाल / उरद दाल – 1 कप (4 घंटे भिगोकर सूखा लें)
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हींग – चुटकी भर
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जीरा – 1 चम्मच
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सौंफ – 1 चम्मच
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धनिया पाउडर – 1 चम्मच
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लाल मिर्च पाउडर – 1 चम्मच
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हल्दी – ½ चम्मच
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गरम मसाला – ½ चम्मच
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अमचूर पाउडर – 1 चम्मच
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अदरक-हरी मिर्च का पेस्ट – 1 चम्मच
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नमक – स्वादानुसार
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तेल – 2 चम्मच
राजस्थानी कचौरी बनाने की विधि (स्टेप-बाय-स्टेप)
स्टेप 1: आटा गूँथना
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एक बाउल में मैदा, सूजी, नमक और मोयन वाला तेल डालें।
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अच्छी तरह मिक्स करें ताकि मैदा हाथ में दबाने पर बंध जाए।
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अब थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर कड़ा आटा गूँथ लें।
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आटे को ढककर 15–20 मिनट के लिए रख दें।
स्टेप 2: मूंग दाल की स्टफिंग तैयार करें
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दाल को ग्राइंडर में दरदरा पीस लें (पेस्ट न बनाएं)।
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पैन में तेल गर्म करें, उसमें जीरा, हींग और सौंफ डालें।
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अब दाल डालकर 3–4 मिनट भूनें।
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इसमें सभी मसाले—हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर, अमचूर और नमक डालें।
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5–6 मिनट तक भूनें, जब तक मसाला हल्का सूखा और खुशबूदार न हो जाए।
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मसाला ठंडा होने दें।
स्टेप 3: कचौरी बनाना
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आटे की छोटी-छोटी लोइयाँ बनाएं।
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हर लोई को हल्का सा बेलें और बीच में दाल की स्टफिंग भरें।
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किनारों को अच्छी तरह बंद करके गोल कचौरी का आकार दें।
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इसे हल्का दबाकर चपटा कर लें (बहुत पतला न करें)।
स्टेप 4: कचौरी तलना
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कड़ाही में तेल को धीमी–मध्यम आंच पर गर्म करें।
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कचौरियों को धीरे-धीरे डालें और धीमी आंच पर गोल्डन ब्राउन होने तक तलें।
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धीमी आंच पर तली कचौरी सबसे ज्यादा खस्ता बनती है।
आपकी खस्ता, मसालेदार, असली राजस्थानी कचौरी तैयार है!
ऐसे परोसें (Serving Tips)
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खट्टी-मीठी इमली की चटनी
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लहसुन की चटनी
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हरी धनिया की चटनी
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रायता या दही
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गर्म-गर्म आलू की सब्जी
राजस्थान में इसे अक्सर कढ़ी-कचौरी के साथ भी खाया जाता है।
कचौरी को खस्ता बनाने के टिप्स
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मोयन (घी/तेल) सही मात्रा में डालें।
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आटा सख्त गूँथें।
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स्टफिंग बिल्कुल सूखी हो।
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कचौरी को हमेशा धीमी आंच पर तलिए।
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बहुत मोटी या पतली बेलने से बचें।