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Champa Shashti 2025: क्यों मनाई जाती है खंडोबा की चंपा षष्ठी? जानें कथा, महत्व और पूजा विधि
Champa Shashti 2025 हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल मार्गशीर्ष महीने की शुक्ल षष्ठी को मनाई जाती है। यह दिन विशेष रूप से महाराष्ट्र, कर्नाटक और ग्रामीण क्षेत्रों में भगवान खंडोबा की पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन को “बैंगन छठ”, “खंडोबा षष्ठी” और “चंपा षष्ठी” भी कहा जाता है।
यह पर्व भगवान खंडोबा की दुष्ट राक्षस मले और मणि के वध की स्मृति में मनाया जाता है। आइए जानें इस दिन की कथा, महत्व और पूजा विधि।
Champa Shashti 2025: कब है चंपा षष्ठी? (तारीख व शुभ मुहूर्त)
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तारीख: 4 दिसंबर 2025 (मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष षष्ठी)
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षष्ठी तिथि आरंभ: सुबह ___ बजे (यदि चाहिए तो मैं सही पंचांग के अनुसार दे दूँ)
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षष्ठी तिथि समाप्त: ___ बजे
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पूजा का श्रेष्ठ समय: प्रातःकाल – दोपहर तक
Champa Shashti क्यों मनाई जाती है? (कहानी / कथा)
पुराणों के अनुसार, राक्षस मले और मणि ने देवताओं को परेशान करना शुरू कर दिया था। देवताओं ने भगवान शिव से प्रार्थना की। तब भगवान शिव ने खंडोबा (मल्हारी मार्तंड) के रूप में अवतार लिया।
युद्ध छठे दिन समाप्त हुआ और बुराई का नाश हुआ—
इसी विजय दिवस को चंपा षष्ठी के रूप में मनाया जाता है।
यही कारण है कि इस दिन को
“बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व”
भी कहा जाता है।
बैंगन छठ क्यों कहा जाता है? (अनोखी परंपरा)
Champa Shashti को कई जगहों पर बैंगन छठ कहा जाता है क्योंकि—
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इस दिन बैंगन को प्रसाद स्वरूप चढ़ाया जाता है।
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मान्यता है कि भगवान खंडोबा को बैंगन अत्यंत प्रिय है।
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बैंगन से बनने वाली 6 प्रकार की सब्जियाँ (षष्ठी का संकेत) चढ़ाई जाती हैं।
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महिलाएँ पारंपरिक रूप से उपवास रखती हैं और बैंगन से तैयार भोजन व्रत तोड़ने के लिए उपयोग करती हैं।
Champa Shashti का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व
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यह दिन नकारात्मक ऊर्जा और बाधाओं को दूर करने वाला माना जाता है।
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भगवान खंडोबा को परिवार, कृषि, धन और संतान सुख का देवता माना जाता है।
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भक्त मानते हैं कि इस दिन पूजा करने से—
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घर में शांति आती है
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रोग, कष्ट और शत्रु बाधा दूर होती है
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विवाह और संतान संबंधी समस्याएँ हल होती हैं
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Champa Shashti पूजा विधि (Step-by-Step)
✔ सुबह स्नान कर पीले कपड़े पहनें
क्योंकि भगवान खंडोबा का रंग उदय होते सूर्य के समान माना जाता है।
✔ घर या मंदिर में खंडोबा की मूर्ति या चित्र स्थापित करें
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गंगाजल से शुद्धि करें
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दीपक जलाएं
✔ पूजा सामग्री
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हल्दी, कुमकुम
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गुलाल
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फूल (विशेषकर केवड़ा, गेंदे)
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नारियल
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बैंगन की 6 सब्जियाँ
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बेलपत्र
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हल्दी से बना प्रसाद (तुहिना)
✔ मंत्र व आरती
“ॐ खंडोबाय नमः” का जाप करें
और खंडोबा की परंपरागत आरती गाएं।
✔ बैंगन का प्रसाद चढ़ाएं
माना जाता है कि भगवान खंडोबा इस प्रसाद को तुरंत स्वीकार करते हैं।
Champa Shashti 2025 में क्या न करें? (Do’s and Don’ts)
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किसी भी प्रकार का मांसाहार न करें
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क्रोध और झूठ से बचें
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भूमि, कृषि और वाहन कार्यों में शुभ मुहूर्त देखने की सलाह दी जाती है
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तामसिक भोजन और नशीले पदार्थों का सेवन वर्जित है